आखिर कैसे काम करता है आरोग्य सेतु एप जाने पूरी इन्फोर्मेशन

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार द्वारा ‘आरोग्य सेतु’ ऐप लॉन्च किया गया था. लॉन्च के 2 हफ्ते बाद अब तक इस ऐप को 1.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है.

8 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से इस मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने की अपील करते हुए कहा था कि यह कोविड-19 खिलाफ देश की लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम है.

मंगलवार को देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी इस अपील को दोहराया.

ऐसा बताया जा रहा है कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद के अलावा ब्लूटूथ आधारित इस ऐप को जल्द ही नागरिकों की आवाजाही के लिए ई-पास के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारियों का कहना कि कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर नागरिकों को सचेत करने के उद्देश्य से बनाए गए इस ऐप की मदद से कोविड-19 संक्रमण से मुक्त व्यक्तियों को आने-जाने की अनुमति दी जा सकती है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक प्रवक्ता का का कहना है, ‘ऐसे सुझाव मिले हैं कि आरोग्य ऐप को इस तरह से काम करने के लिए तैयार किया जा सकता है- यह अच्छा विचार है और इसकी तकनीकी संभावनाओं पर काम किया जा रहा है.’

उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके बारे में अंतिम निर्णय लॉजिस्टिक्स के लिए बने एक एम्पॉवर्ड समूह द्वारा लिया जायेगा.

इस ऐप के लॉन्च होने के बाद से ही साइबर सुरक्षा और कानून से जुड़े विशेषज्ञों ने ऐप के डेटा और गोपनीयता (प्राइवेसी पॉलिसी) को लेकर चिंता जताई थी.

अब देश में कोविड 19 के प्रसार को नियंत्रित करने के इरादे से लोगों की आवाजाही को इसकी मदद से नियंत्रित करने का सरकार का संभावित कदम इन विशेषज्ञों की चिंताओं को और बढ़ा रहा है.

कैसे काम करता है आरोग्य ऐप

एंड्रॉयड और आईफोन दोनों पर ही उपलब्ध यह ऐप यूजर से उसकी लोकेशन की जानकारी और कुछ सवालों के आधार पर उस व्यक्ति के आसपास मौजूद संक्रमण के खतरे और संभावना का पता लगाने में सहायता करता है.

ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत 11 भाषाओं में उपलब्ध है और डाउनलोड किए जाने के बाद यूजर से उसका मोबाइल नंबर और कुछ अन्य जानकारियां मांगता है.

ऐप स्वास्थ्य संबंधी सवाल पूछेगा, जैसे क्या आपको खांसी या बुखार है, या सांस संबंधी कोई तकलीफ तो नहीं हो रही है.

इस तरह के सवालों के आधार पर यह स्वस्थ व्यक्ति को ग्रीन जोन में रखेगा. खतरे की संभावना के स्तर के आधार पर रेड और येलो जोन भी बनाए गए हैं.

इसके बाद यदि आप किसी संक्रमित या संभावित संक्रमण के पास गए तो यह लोकेशन के आधार पर इसकी जानकारी आपको देगा और सावधान रहने को कहेगा.

ऐप के इस्तेमाल के लिए फोन का ब्लूटूथ और लोकेशन ऑन रखनी होगी. ऐप लोगों के ‘दूसरों से मिलने-जुलने’ को ट्रैक करेगा और यूजर के किसी संक्रमित के संपर्क में आने या इसके संदेह के आधार पर अथॉरिटी को चेताएगा.